
… नितिन गडकरी बोले- मेरे पास 15 लाख करोड़ पड़े हैं, खर्च नहीं कर पा रहा
भारत के पूर्व मंत्री और वर्तमान में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत नितिन गडकरी ने हाल ही में एक अहम बयान दिया है, जो देश की आर्थिक और विकास संबंधी चुनौतियों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देता है। गडकरी ने कहा कि देश में पैसा नहीं बल्कि काम करने वाले लोगों की कमी है। उनके अनुसार, उनके पास विकास कार्यों के लिए लगभग 15 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध हैं, लेकिन वे इस राशि को खर्च नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि संसाधन और कुशल श्रम की कमी है।
गडकरी का यह बयान उस व्यापक समस्या की तरफ इशारा करता है जिसका सामना भारत वर्तमान में कर रहा है। विकास परियोजनाओं के लिए बजट तो उपलब्ध है, लेकिन काम को सही समय पर पूरा करने के लिए पर्याप्त कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी है। इस वजह से परियोजनाएं विलंबित हो रही हैं और निवेश का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।
यह स्थिति खासतौर पर निर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक कार्यों के क्षेत्र में देखने को मिलती है। गडकरी ने यह भी कहा कि अगर देश में काम करने वाले और कुशल लोग उपलब्ध हों, तो भारत तेजी से विकास कर सकता है और उपलब्ध धनराशि का सही और प्रभावी उपयोग कर सकता है।
इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि केवल वित्तीय संसाधन उपलब्ध होना ही विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। मानव संसाधन का विकास, प्रशिक्षण और उन्हें सही तरीके से नियोजित करना भी उतना ही आवश्यक है। सरकार और संबंधित एजेंसियों को इस दिशा में विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि देश की विकास योजनाएं सफल हो सकें और आर्थिक प्रगति को गति मिल सके।
सारांश में, नितिन गडकरी का यह बयान एक महत्वपूर्ण संदेश है कि भारत के विकास के लिए पैसा तो है, लेकिन काम करने वाले कुशल श्रमिकों की कमी एक बड़ी बाधा बन रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए मानव संसाधन विकास और कुशलता बढ़ाने पर जोर देना आवश्यक होगा।
